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अवैध कोयला ढुलाई के बीच दर्दनाक हादसा, ट्रक की टक्कर से दो युवकों की मौत

Shashi Kant 01 Jun 2026, 03:46 PM 71 views
अवैध कोयला ढुलाई के बीच दर्दनाक हादसा, ट्रक की टक्कर से दो युवकों की मौत
गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क जाम कर की कार्रवाई व मुआवजे की मांग, अवैध कारोबार पर उठे सवाल
चुरचू (हजारीबाग): चुरचू थाना क्षेत्र में कथित अवैध कोयला ढुलाई के बीच रविवार देर शाम हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। कोयला लदे एक ट्रक की टक्कर से स्कूटी सवार दो युवकों की मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों ने हादसे के लिए क्षेत्र में लंबे समय से चल रही कथित अवैध कोयला ढुलाई और भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही को जिम्मेदार ठहराया। मिली जानकारी के अनुसार स्कूटी संख्या JH-02BM-9931 पर सवार आकाश हांसदा (28) और राजेंद्र वास्के (24) अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान कोयला लदे ट्रक संख्या BR02GA-9310 ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद चालक वाहन रोकने के बजाय आगे बढ़ता रहा और स्कूटी को काफी दूरी तक घसीटता ले गया, जिससे दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना में आकाश हांसदा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल राजेंद्र वास्के को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और फिर सदर अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया। हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। आक्रोशित लोगों ने ट्रक को रोक लिया और विरोध स्वरूप उसके टायरों की हवा निकाल दी। इसके बाद शवों को सड़क पर रखकर मुआवजा, दोषियों की गिरफ्तारी और अवैध कोयला कारोबार पर कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया। देर रात तक जाम जारी रहा। सूचना पर चुरचू, अंगो, चरही और टाटीझरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में कई स्थानों पर कथित अवैध कोयला डिपो संचालित हैं और भारी वाहनों की लगातार आवाजाही आम लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो ऐसी घटनाएं आगे भी हो सकती हैं। हादसे ने दोनों परिवारों को गहरे संकट में डाल दिया है। मृतक आकाश हांसदा अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था और उसके तीन छोटे बच्चे हैं। वहीं राजेंद्र वास्के भी परिवार के इकलौते कमाने वाले थे तथा उनके पीछे एक छोटा बच्चा है। पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने मृतकों के आश्रितों को उचित मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को रोजगार और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।