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8 महीने से अतिक्रमण हटाने की मांग, आश्वासन से परेशान ग्रामीण

Shashi Kant 04 Jun 2026, 12:15 PM 141 views
8 महीने से अतिक्रमण हटाने की मांग, आश्वासन से परेशान ग्रामीण
दो बार मापी, कई बैठकों और लिखित समझौतों के बावजूद नहीं हटा कब्जा; सीओ ने सोमवार तक कार्रवाई का दिया अल्टीमेटम
दारू। प्रखंड की ईरगा पंचायत में सरकारी सड़क की जमीन पर कथित अतिक्रमण को लेकर ग्रामीण पिछले आठ महीनों से अंचल कार्यालय का चक्कर लगाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार मापी, बैठकों और लिखित समझौतों के बावजूद अब तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया है, जिससे लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीणों के अनुसार अक्टूबर 2025 में अंचल कार्यालय में आवेदन देकर आरोप लगाया गया था कि मनोरंजन प्रजापति एवं प्रदीप प्रजापति द्वारा प्लॉट संख्या 319 स्थित सरकारी जमीन पर कब्जा कर मकान का निर्माण किया जा रहा है। मामले की सुनवाई के बाद 17 नवंबर 2025 को अंचल अधिकारी की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें जमीन की मापी कराने और अतिक्रमण पाए जाने पर तत्काल हटाने का निर्णय लिया गया। मापी के दौरान एक पक्ष द्वारा अपना अतिक्रमण हटाया गया, लेकिन आरोपित पक्ष ने ऐसा नहीं किया। इसके बाद 18 अप्रैल 2026 को पुनः बैठक हुई, जिसमें सभी पक्षों की सहमति से अंचल अमीन और निजी अमीनों की मौजूदगी में दोबारा मापी कराने का निर्णय लिया गया। 5 मई 2026 को मापी कराई गई, जिसमें सभी पक्षों, अमीनों और ग्रामीणों ने हस्ताक्षर कर मापी से संतुष्टि जताई। इसके बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि बाद में प्रशासनिक टीम और जेसीबी मशीन मौके पर पहुंची तथा दीवार का कुछ हिस्सा तोड़ा भी गया, लेकिन अचानक कार्रवाई रोक दी गई। इसके बाद पंचायत स्तर पर भी कई प्रयास हुए। ईरगा पंचायत की मुखिया अनीता देवी की मौजूदगी में हुई बैठक में 29 मई तक स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने का लिखित आश्वासन दिया गया, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। गुरुवार को अंचल कार्यालय में एक बार फिर बैठक आयोजित की गई। बैठक में अंचल अधिकारी राम बालक कुमार, मुखिया अनीता देवी, युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष रिंकू कुशवाहा, संबंधित पक्ष एवं ग्रामीण उपस्थित थे। ग्रामीणों के अनुसार अंचल अधिकारी ने संबंधित व्यक्ति को कड़ी फटकार लगाते हुए रविवार तक अंतिम समय दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि निर्धारित अवधि तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो सोमवार को कानूनी कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाया जाएगा तथा 40 हजार रुपये तक का दंड भी लगाया जाएगा। अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।