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ड्रोन खतरे से निपटेगा CISF, ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया से हुआ करार

Shashi Kant 02 Sep 2026, 01:03 PM 165 views
ड्रोन खतरे से निपटेगा CISF, ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया से हुआ करार
370 से अधिक महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में मिलेगी तकनीकी मजबूती, बहरोड़ बनेगा ड्रोन-काउंटर ड्रोन तकनीक का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
नई दिल्ली। देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को ड्रोन जैसे उभरते हवाई खतरों से सुरक्षित रखने की दिशा में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने बड़ा कदम उठाया है। CISF और ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया (DFI) के बीच महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसका उद्देश्य ड्रोन और एंटी-ड्रोन तकनीक की क्षमता को मजबूत करना तथा सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाना है। समझौते पर CISF की ओर से डीआईजी एवं प्रिंसिपल एमपीआरटीसी बहरोड़ डॉ. सी.डी. नायक और DFI के अध्यक्ष स्मित शाह ने हस्ताक्षर किए। इस दौरान CISF के महानिदेशक प्रवीर रंजन समेत बल के वरिष्ठ अधिकारी और DFI के प्रतिनिधि मौजूद रहे। CISF वर्तमान में देशभर के 370 से अधिक महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा कर रहा है। इनमें विमानन क्षेत्र, परमाणु संयंत्र, अंतरिक्ष केंद्र और तेल रिफाइनरी जैसे संवेदनशील प्रतिष्ठान शामिल हैं। बदलते सुरक्षा परिदृश्य में संदिग्ध ड्रोन की समय रहते पहचान, निगरानी और जवाबी कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। CISF ने अब तक 3,000 से अधिक कर्मियों को ड्रोन एवं एंटी-ड्रोन प्रोटोकॉल का प्रशिक्षण दिया है, जबकि करीब 80 इकाइयां निगरानी, खतरे की पहचान और प्रशिक्षण के लिए ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल कर रही हैं। बहरोड़ में बनेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस MoU के तहत CISF के रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर (RTC) बहरोड़ को ड्रोन और काउंटर-ड्रोन सिस्टम के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा। DFI भारतीय ड्रोन स्टार्टअप्स और तकनीकी कंपनियों के सहयोग से CISF की क्षमता निर्माण, व्यावहारिक अनुसंधान और ऑपरेशनल तैयारियों को मजबूत करेगा। इसके तहत काउंटर-ड्रोन सिस्टम की तैनाती के लिए मानक संचालन प्रक्रिया, पायलट प्रोजेक्ट, ड्रोन फोरेंसिक एवं विश्लेषण व्यवस्था तथा संयुक्त ड्रिल और रेड-टीमिंग अभ्यास किए जाएंगे। साथ ही विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल, हैकथॉन और चैलेंज प्रोग्राम के जरिए नई तकनीकों को सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। CISF महानिदेशक प्रवीर रंजन ने कहा कि यह साझेदारी बदलते ड्रोन खतरों के खिलाफ बल की तैयारियों को और मजबूत करेगी तथा सुरक्षा प्रणालियों की कमियों को पहचानकर उन्हें दूर करने में मदद करेगी।